Friday, November 6, 2020

ग्राम छिरारी उद्यानिकी के नवाचार की ओर अग्रसर "सफलता की कहानी"


ग्राम छिरारी उद्यानिकी के नवाचार की ओर अग्रसर "सफलता की कहानी"

-विदिशा | लटेरी विकासखण्ड का ग्राम छिरारी उद्यानिकी फसलीय नवाचार की ओर अग्रसर है। यहां के कृषकों द्वारा पहले हल्दी, धनिया, मिर्च, टमाटर इत्यादि उद्यानिकी फसलों का उत्पादन लेकर आमदनी में वृद्वि की है।

    ग्राम के प्रगतिशील कृषक  अनिल मेहता ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के द्वारा दिए गए मार्गदर्शन से प्रेरित होते हुए अब केले की फसल लेने के प्रबंध सुनिश्चित किए है कृषक श्री मेहता ने बताया कि उन्होंने 0.400 हेक्टेयर रकवा में केले के एक हजार सात सौ पचास पौधे रोपित किए है। टेशू कल्चर कुरवाई में तैयार हुए पौधे जिले के कृषकों द्वारा उद्यानिकी योजनाओं के तहत क्रय किए जा रहे है। विभाग के सहायक संचालक  केएल व्यास ने बताया कि शुरू में केला एक वर्ष में फसल देने लगता है। इसके बाद आगामी वर्षो में बिना खर्चे के छह-छह माह में केले की फसल मिलने लगती है। जिले के कृषकों को काजू और बादाम की फसल लेने के लिए भी अभिप्रेरित किया जा रहा है।

लोक सेवा केंद्र से मिलेगा आयुष्मान भारत का कार्ड

 लोक सेवा केंद्र से मिलेगा आयुष्मान भारत का कार्ड

-विदिशा |  आयुष्मान भारत योजना की हितग्राही अब अपना आयुष्मान भारत लाभार्थी कार्ड लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे ।शीघ्र ही यह योजना जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों में आरंभ हो रही है। इसके लिए शासन से ₹30 शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी लोक सेवा केंद्रों के आधार ऑपरेटरों के यूजर आईडी बनाए जा रहे हैं। इस योजना द्वारा गरीब और कमजोर परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी. आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। जिसके तहत गरीब लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के इलाज के लिए कैशलेश कवरेज प्रदान किया जाता है.इस योजना के द्वारा लाभार्थी सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकता है।

   इस योजना के तहत गर्भावस्था देखभाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं, नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, बाल स्वास्थ्य, जीर्ण संक्रामक रोग, गैर संक्रामक रोग, मानसिक बीमारी का प्रबंधन, दांतों की देखभाल, बुजुर्ग के लिए आपातकालीन चिकित्सा जैसी स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल किया गया है।

   आयुष्मान भारत योजना की सबसे बड़ी विशेषता में शामिल होने के लिए परिवार के आकार और उम्र का कोई बंधन नहीं है. सरकारी अस्पताल और पैनल में शामिल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का कैशलेस और पेपरलेस इलाज किया जाएगा।

   आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए,

ग्रामीण इलाकों में-

1. मोटे तौर पर ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान होना चाहिए

2. परिवार में किसी व्यस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो.

3. परिवार में कोई दिव्यांग हो.

4. अनुसूचित जाति और जनजाति से हों.

5. भूमिहीन व्यक्ति व दिहाड़ी मजदूर हों.

6. इसके अलावा, ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति.

7. निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले.

8. आदिवासी और कानूनी रूप से मुक्त बंधुआ.


शहरी इलाकों में

1. भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले.

2. रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले.

3. सड़क पर कामकाज करने वाले अन्य व्यक्ति.

4. कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूर.

5. प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर,

6. सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति.

7. स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले.

8. हैंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, ड्राइवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग।

धनिया से हुई आमदनी में वृद्धि

धनिया से हुई आमदनी में वृद्धि (सफलता की कहानी)

-विदिशा | उद्यानिकी विभाग की मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत कृषक श्री जहीर खां ने धनिया की खेती प्रारंभ की जिससे एक वर्ष में पचास हजार रूपए का अतिरिक्त मुनाफा हुआ है।

    कुरवाई विकासखण्ड के ग्राम मेहलुआ के कृषक श्री जहीर खां ने बताया कि उद्यानिकी फसलों से ग्राम के अन्य कृषकों द्वारा लाभ लिया जा रहा था। जिससे मैं अभिप्रेरित हुआ हूं। उद्यानिकी फसलों से उनको होने वाले मुनाफे ने मुझे उद्यानिकी फसलों की ओर ध्यान आकर्षित कराया है मैंने उद्यानिकी विभाग में सम्पर्क किया जहां मुझे मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत धनिया की खेती करने का रूझान बढा और मैंने एक हेक्टेयर में धनिया किस्म आरसीआर 435 को लगाया। धनिया की खुशबू की महक चहुंओर फैल रही थी जिससे मुख्य सड़क से निकलने वाले राहगीर रूककर खेत को देखते थे। एक वर्ष में ही मुझे पचास हजार का शुद्व मुनाफा हुआ है जबकि लागत 18 हजार 370 रूपए आई थी। किसानो की आमदनी दुगनी कैसे हो यह मैंने जाना उद्यानिकी फसलों से।

अदरक फसल में लागत का कई गुना मुनाफा "सफलता की कहानी"-

 

अदरक फसल में लागत का कई गुना मुनाफा "सफलता की कहानी"-

विदिशा | उद्यानिकी फसलों की ओर किसानो का रूझान बढ़ रहा है। अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उद्यानिकी फसलों को सुगमता से आवागमन के दौरान देखा जा सकता है। लटेरी विकासखण्ड के ग्राम शहरखेडा के कृषक श्री मुन्नीलाल धाकड़ ने 0.250 रकवे में अदरक की फसल ली है। जिसमें पांच कि्ंवटल बीज 35 हजार रूपए का, जून माह के प्रथम सप्ताह में रोपण किया गया था अदरक की फसल में खाद, दवा एवं खेत की तैयारी में कुल सात हजार रूपए और खर्च हुए थे इस प्रकार कृषक मुन्नीलाल धाकड़ ने कुल 42 हजार की लागत से अदरक की खेती की है। खेत में खड़ी फसल की व्यापारियों द्वारा एक लाख बीस हजार की कीमत लगा चुके है। कृषक मुन्नीलाल का कहना है कि इतनी कीमत में मैं अपनी अदरक की फसल को बेचूंगा। वर्तमान में फसल का आंकलन व्यापारियों द्वारा लगाई गई कीमत से अधिक हो रहा है अतः थोडा और इंतजार करूंगा नही तो बाजार में स्वंय जाकर बेचूंगा।

    कृषक मुन्नीलाल धाकड़ का कहना है कि उद्यानिकी फसलों से ऐसी आमदनी होगी मुझे कल्पना नही थी मैं अपने अन्य कृषक भाईयों से भी अपील करूंगा की वे कम से कम आधा हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल जरूर ले जो हमारी आर्थिक स्थिति में वृद्वि की सहायक होंगी।

स्व-सहायता समूह के लिए गौशालाएं बनी आमदनी का जरिया

गौ शालाएं होंगी समूह के लिए वरदान साबित (सफलता की कहानी)

सीहोर |शासन द्वारा  निर्मित गौशालायें संचालन का कार्य आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठनों को दिया गया है। स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा गौशालाओं को आमदनी का जरिया बना लिया है। इन गौशालाओं में पंच गव्य से निर्मित बहुत ही सुंदर आकर्षक दीपक, लक्ष्मी नारायण की मूर्ति, शुभ लाभ, लक्ष्मी चरण, शुभ लाभ, स्वास्तिक,  आसन आदि सामग्री बनाई जा रही है। इस दीपावली पर एक गिफ्ट पैक तैयार किया गया है जिसमें पूजन सामग्री, हवन सामग्री, पंच गव्य से बने दीपक, लक्ष्मी गणेश मूर्ति, शुभ लाभ, स्वास्तिक, व गोबर के कंडे, जैसी कुल 26 सामग्री गिफ्ट पैक में रहेगी।

 जिला परियोजना प्रबन्धक  आजीविका मिशन द्वारा बताया गया कि प्रदेश में  पहला मौका होगा ग्रामीण गरीब परिवारों के समूह की महिलाओं द्वारा दीपावली के  त्यौहार में बेचने हेतु गिफ्ट पैक तैयार किया गया है।  गिफ्ट पैक की कीमत बाजार में ₹399 में  आजीविका  रूरल मार्ट लुनिया चौराहा सीहोर और भोपाल व ऑनलाइन बुकिंग से प्राप्त की जा सकेगी। अभी तक 75 हजार के आर्डर मिल चुके हैं।

लेकिन एक वक्त पर हमारी ही थाली से अनाज गायब हो गया था, मुख्यमंत्री ने हमारी थाली फिर से अनाज से भर दी

 


हम दूसरों की थाली में सब्जी पहुंचाते हैं (खुशियों की दास्तां)

उज्जैन | शहर के मालीपुरा में रहने वाले 41 वर्षीय इन्द्रेश बारोठ और उनके छोटे भाई काफी समय से सब्जी बेचने का व्यवसाय करते हैं। उनके परिवार में उन्हें मिलाकर कुल नौ सदस्य हैं। इतने बड़े परिवार को चलाने के लिये इन्द्रेश और उनके भाई दिन-रात मेहनत करते हुए अपना व्यवसाय चलाते थे, लेकिन इन्द्रेश और उनके परिवार ने यह कभी नहीं सोचा था कि दूसरों की थाली में सब्जी पहुंचाने वाले उनके परिवार की थाली से ही एक दिन राशन दूर हो जायेगा।

    वैश्विक महामारी कोविड-19 जैसे-जैसे पैर पसार रही थी, वैसे-वैसे इन्द्रेश के व्यवसाय में मंदी भी पैर पसारने लगी। कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण इन्द्रेश को सब्जी के व्यवसाय में काफी नुकसान हो गया था। एक समय पर अच्छा चलने वाला उनका व्यवसाय मानों थम-सा गया था। जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि बढ़ती जा रही थी, इन्द्रेश के घर में राशन का स्टॉक समाप्त होता जा रहा था। व्यवसाय ठप पड़ने की वजह से हुए आर्थिक नुकसान के कारण बाजार से महंगे दाम में राशन खरीदना उनके लिये मुश्किल होता जा रहा था।

    धीरे-धीरे जब अनलॉक की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई, तो भी इन्द्रेश के लिये परिस्थितियां पहले जैसी नहीं थी। इन्द्रेश को व्यवसाय में जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई कर पाना तो दूर, व्यवसाय भी अब पहले जैसा नहीं चल रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना की बदौलत इन्द्रेश और उनके परिवार की थाली में फिर से अनाज आना प्रारम्भ हो गया है। योजना अनुसार इन्द्रेश के परिवार के प्रति सदस्य को पांच-पांच किलो गेहूं व चावल, एक किलो नमक तथा डेढ़ लीटर केरोसीन मुहैया कराया जा रहा है। इससे इन्द्रेश और उसके परिवार को मुश्किल घड़ी में काफी संबल मिला है। गरीबों के हित के लिये प्रारम्भ की गई योजना हेतु इन्द्रेश मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।

कृषक निहालसिंह पिछले 4 वर्षों से कर रहे हैं अधिक आय और पोषण से भरपूर ‘सब्जीवाली सोयाबीन’ का उत्पादन "सफलता की कहानी"

उज्जैन | मध्य प्रदेश राज्य में उज्जैन सोयाबीन उत्पादन का एक प्रमुख केन्द्र है। यहां औसतन पांच लाख हेक्टेयर में 1430 किलो प्रति हेक्टेयर के मान से सोयाबीन का उत्पादन हो रहा है। पिछले 40 सालों से भी अधिक समय से उज्जैन में सोयाबीन का उत्पादन हो रहा है, लेकिन इसका घरेलु उपयोग नहीं होने से इसकी कीमतों का निर्धारण अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों से होता है तथा कई बार कृषकों को उचित आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं होता।

    लेकिन उज्जैन के प्रगतिशील किसान निहालसिंह ने इस परम्परा को तोड़ते हुए लीक से हटकर चलते हुए एक नवाचार किया है। शहर के समीप चिन्तामन जवासिया में रहने वाले किसान निहालसिंह सोयाबीन की एक नई प्रजाति जिसे ‘सब्जीवाली सोयाबीन’ के नाम से जाना जाता है, इस अधिक आय और पोषण से भरपूर वाली सोयाबीन का व्यावसायिक उत्पादन पिछले चार वर्षों से कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान केन्द्र उज्जैन द्वारा वर्ष 2015-16 में सोयाबीन की यह नई प्रजाति जिसे विदेशों में ‘इडामा’ कहा जाता है, कृषकों के बीच पहुंचाई गई थी। सोयाबीन की यह किस्म प्रति हेक्टेयर हरी फली 50 से 65 क्विंटल तथा बीज 15 से 17 क्विंटल उत्पादन देती है। इसका उपयोग सब्जी के रूप में तथा अन्य व्यंजन जैसे पकौड़े, पराठे आदि में भी किया जा सकता है। यह विशेष रूप से बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में उपयुक्त है जब सब्जियों की उपलब्धता कम होती है तथा इसे प्रोटीन के एक बेहतरीन विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है।

    इस सब्जी वाली सोयाबीन की यह विशेषता है कि इसमें सामान्य सोयाबीन की अपेक्षा कम मात्रा में प्रोटीन (12 प्रतिशत), कार्बोहाइड्रेट (13.1 प्रतिशत) और वसा (मात्र 3.6 प्रतिशत) होता है, जो शीघ्र पच जाती है, जबकि सामान्य सोयाबीन में 40 प्रतिशत प्रोटीन और 20 प्रतिशत वसा होती है, जिसे हमारा पाचन-तंत्र ठीक से नहीं पचा पाता और इसमें एक विशिष्ट गंध आती है तो अरूचिकर होती है। सब्जीवाली सोयाबीन में इसके अलावा कैल्शियम, लोहा, सोडियम और विटामीन ‘ए’ तथा ‘सी’ की प्रचुर मात्रा है, जो कुपोषण दूर करने में सहायक है।

    उज्जैन के प्रगतिशील कृषक निहालसिंह की इस उपलब्धि पर उन्हें कई प्रमाण-पत्र दिये जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा तथा हाल ही में राज्य के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल द्वारा भी इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। निश्चित रूप से कृषक निहालसिंह कृषि को लाभ का धंधा बनाने वाले किसानों के लिये एक मिसाल बन चुके हैं।

Monday, October 19, 2020

मसूरी विधायक गणेश जोशी ने विजेता एवं उप विजेता टीम को पुरस्कृत किया

फोटो: शहीद अनिल थापा की स्मृति में आयोजित फुटबाल टुर्नामेंट में खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते मसूरी विधायक गणेश जोशी।

देहरादून :  देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित महेन्द्र ग्राउंड में अमर शहीद अनिल थापा की पाचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित फुटबाल टुर्नामेंट के समापन अवसर पर मसूरी विधायक गणेश जोशी ने विजेता एवं उप विजेता टीम को पुरस्कृत किया। उन्होनें विजेता टीम को 25 हजार एवं उप विजेता टीम को 15 हजार का नकद पुरस्कार विधायक जोशी ने सौंपा।
विधायक जोशी ने कहा कि विजेता एवं उप विजेता के बीच जीत और हार का अंतर मात्र इच्छाशक्ति का होता है। उदाहरण देते हुए उन्होनें कहा कि एक मैदान में दो धावक दौड़ रहे होते हैं, अन्तिम क्षणों में एक धावक आगे निकल जाता है और विजेता बन जाता है। उन्होनें कहा कि उपविजेता टीम को अगली पारी के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए।
        विदित हो कि 02 अक्टूबर से प्रारम्भ हुए इस दो दिवसीय टुर्नामेंट में 20 टीमों ने प्रतिभाग किया। मैच के अंत में पैनल्टी शूट से विजेता के तौर दून वैली एवं उप विजेता के तौर पर जेपीटी टीम रही। इस अवसर पर भाजपा नेता सिकन्दर सिंह, गौरव डंगवाल, मनीष राय, मनीष थापा, महाजन सिंह रावत, अमन बिष्ट, ले0 कर्नल प्रेमलता, मोनीष, टीपू, भुवन गुरुंग, सिद्धार्थ शाही आदि उपस्थित रहे।

Monday, October 5, 2020

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी ने राजभवन परिसर में सुरक्षाकर्मियों एवं सफाईकर्मियों को इम्युनिटी किट वितरित किये।

फोटो: राजभवन में सुरक्षाकर्मियों एवं सफाईकर्मियों को इम्युनिटी किट वितरित करते राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी।
देहरादून 05 अक्टूबर: सोमवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी ने राजभवन परिसर में सुरक्षाकर्मियों एवं सफाईकर्मियों को इम्युनिटी किट वितरित किये। इस इम्युनिटी किट में च्वयनप्राश, सैनिटाईजर, काड़ा एवं मास्क प्रदान किये गये।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत इम्युनिटी किट प्रदान किये जाना आवश्यक है। उन्होनें आमजन से अपील की कि सभी लोग मास्क का प्रयोग करें तथा दिन में दो बार काड़ा अवश्य पीयें। उन्होंने विधायक गणेश जोशी के प्रयासों की सराहना की। 
मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार लोगों को इम्युनिटी किट वितरित किये जाने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुवात 02 अक्टूबर को गांधी जयंती से प्रारम्भ की गयी है और यह कार्य लगातार जारी रहेगा। विधायक जोशी ने बताया कि राजभवन में 100 कर्मचारियों को इम्युनिटी किट का वितरण किया गया। 

नैनीताल बैंक की नवीन शाखाओं का देहरादून में भव्य उदघाटन

नैनीताल बैंक की नवीन शाखाओं का देहरादून में भव्य उदघाटन

देहरादून। नैनीताल बैंक की दो नवीन शाखाओं क्रमशः सहस्त्रधारा रोड , देहरादून एवं  भानियावाला, देहरादून शाखा का उदघाटन बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश पंत द्वारा देहरादून स्थित नव सुसज्जित परिसर में दीप प्रज्वलित कर किया। पंत ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप फीता काटा तथा उदघाटन से संबन्धित अन्य ओपचरिकताए पूरी की। इसके साथ ही बैंक की शाखाओं की कुल संख्या बढ़कर 148 हो गयी है ।
इस अवसर पर आयोजित एक सादे समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, प्रमुख ग्राहकों, अंशधारकों एवं अन्य उपस्थित आगंतुकों को संबोधित करते हुए पंत नें बैंक की महत्वाकांक्षी योजनाओं के विषय में जानकारी देते हुए बताया की बैंक उत्तराखंड के विकास हेतु अनेक योजनो के माध्यम से औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सरल एवम सस्ती दरों पर ऋण सुविधाए प्रदान करने हेतु कृत संकल्प है। तदनुसार बैंक क्षेत्र की खुदरा ऋण  एवं कृषि ऋण योजनाएँ अत्यंत सरल शर्तों पर प्रदान कर रहा है। बैंक को विकसित करने के उद्देश्य से वर्तमान वित्तीय वर्ष में 20 शाखाएं खोलने की श्रंखला में, इन शाखाओं  समेत वर्तमान वित्तीय वर्ष में बैंक की सात (07) शाखाएं खुल चुकी है। पंत नें आगे बताया कि बैंक नें फिनेकल 10ग प्लैटफार्म पर बैंकिंग सुविधाए उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अनेक आवश्यक कदम उठाएँ है ताकि बैंक अपने ग्राहको को उच्चीकृत तकनीक से युक्त सेवाए प्रदान कर अन्य बेंकों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होने आगे बताया कि बैंक अपनी विस्तार योजना के अंतर्गत 2023 तक शाखाओं की संख्या को 200 एवं बैंक के व्यवसाय को 20,000 करोड़ तक ले जाने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। उन्होने बैंक के ग्राहको, अंश धारकों, हित्त धारकों एवं सभी शुभ चिंतकों को 98 वर्षों की लंबी यात्रा के दौरान बैंक के प्रति भरोसा दिखाने पर बधाई एवं शुभकामनाए दी।  इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक अजय सेठ, रोहित गुप्ता, रणजीत सिंह, जशवंत सिंह, संजय शर्मा ,गौरव वासन, मनमोहन बहुगुणा, मनोज गुप्ता, राजीव शर्मा ,पूजा द्विवेदी, हरेन्द्र रावत, अशीम खान, गौतम घिल्डियाल,रजनी रावत, अशोक कुमार अग्रवाल, यु.के. बिष्ट, दिगम्बर के तहत, विवेक बहुगुणा,आशीष उपाध्याय  इत्यादि गणमान्य नागरिक, ग्राहक एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रूचि अस्वाल कंडारी नें किया ।