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Friday, June 18, 2021
ज्यादा तनाव से भी किशोरियाँ हो रही पीसीओडी का शिकार: डाॅ0 सुजाता संजय
Tuesday, June 15, 2021
सैन्यधाम के निर्माण में मदद तथा छावनी क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विषयों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
भारत में अब और वृद्धाश्रम न खुले-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
भारत में अब और वृद्धाश्रम न खुले-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 15 जून। सम्पूर्ण विश्व में वृद्धजनों के प्रति सम्मान और सुरक्षा बनाये रखने, अन्याय को समाप्त करने के लिए तथा बुजुर्ग के साथ हो रहेेे दुर्व्यवहार के प्रति जागरूकता करने हेतु अन्तर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वृद्धों की देखभाल करना एक वैश्विक मुद्दा नहीं बल्कि मानवाधिकारों की रक्षा और भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। कोविड-19 के इस दौर में वृद्धजनों को सुरक्षा और सहायता की और अधिक आवश्यकता है। वृद्धजनों को इस समय न केवल वायरस का खतरा है बल्कि जीवन, सुरक्षा के साथ उनका काफी हद तक सामाजिक नेटवर्क समाप्त हो गया है तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच पहले जैसी नहीं रही इसलिये इस समय उन्हें अतिरिक्त सहायता की जरूरत है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वृद्धजनोँ कोे भरण-पोषण, भोजन, कपड़ा, आवास, चिकित्सीय सहायता और उपचार, स्वास्थ्य देखभाल, बचाव, सुरक्षा के साथ प्रेमयुक्त गरिमापूर्ण जीवन देना जरूरी है। वृद्धजनों को एक सम्मानजनक जीवन देना परिवारवालों के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
स्वामी जी ने कहा कि रोजगार और काम के संबंध में युवा अपने मूल स्थान से बाहर जाते हैं तथा बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहें हैं ऐसे में परिवार के वृद्ध सदस्यों को साथ ले जाना संभव नहीं हो पाता है जिसके कारण वे वृद्धजन अपने मूल स्थान या फिर स्वदेश में रहकर एकांत में जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं साथ ही वे अकेलेपन के शिकार भी हो जाते हैं परन्तु कोरोना महामारी के कारण शहरों से लोग अपने गांवों को लौटने लगे ऐेसे में कई वृद्धजनों का अकेलापन दूर हुआ और उन्हें परिवारवालों का साथ भी मिल रहा है।
स्वामी जी ने कहा कि वृद्ध होने पर वे पूरी तरह से अपने परिवार पर निर्भर हो जाते हैं। कई बार उत्तम सुविधाओं तथा अच्छी देखभाल के बावजूद भी उनके जीवन में अकेलापन रहता है, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उम्र के इस पड़ाव पर इंसान को अधिक देखभाल, प्यार और साथ की आवश्यकता होती है, परन्तु वर्तमान की रोजगार व्यवस्था, बदलती जीवन शैली, बदलती सामाजिक व्यवस्था तथा अन्य कारणों से बुजुर्गों एवं युवाओं के मध्य एक खाई गहरी होती जा रही है।
स्वामी जी ने कहा कि समाज की वृद्धजन रूपी अमूल्य धरोहर को सहेजने के लिये हमें अपने बच्चों को संस्कार युक्त जीवन, अपनी जड़ों से जुड़ना, अपने मूल्यों को आत्मसात करना तथा सामाजिक व्यवस्था के सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने की नितांत आवश्यकता है क्योंकि जो आज युवा है भविष्य में इन बुजुर्गों का स्थान वे ही लेने वाले हैं। आईये संकल्प लें कि वृद्धों के साथ दुर्व्यवहार न करें तथा भारत में अब और वृद्धाश्रम न खुले।
वर्चुअल मोड में योग महोत्सव शुरू , डॉ राजीव कुरेले द्वारा अष्टांग योग तथा योग के उपांग यम एवं नियम पर पर दिया विस्तृत व्याख्यान
Saturday, June 12, 2021
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए ज्यादा से ज्यादा आरटीआई का इस्तेमाल करें : दुर्गा प्रसाद सैनी
Saturday, June 5, 2021
World Environment Day - Plant a tree, save the earth: Dr. Sujata Sanjay
जो पर्यावरण से दूर गया, वो बीमारी के करीब गया: डाॅ0 सुजाता संजय
Friday, June 4, 2021
कोविड-19 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और इससे जुड़े संगठन भी लोगों को राहत देने में जी-जान से जुटे हैं
महर्षि वाल्मीकि संस्कार केंद्र इन्द्रेश नगर, संत शिरोमणि रविदास केंद्र जटिया मोहल्ला, राजीव नगर विजय पार्क और अन्य सैकड़ो बस्ती के बच्चों को बिस्किट गिफ्ट वितरित किये गए,
Thursday, June 3, 2021
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के 70 वें वर्ष में प्रवेश के पावन अवसर परवैश्विक प्रार्थना सभा का आयोजन
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि उदारता, सामंजस्यता, सहिष्णुता और प्रेम जीवन के ये चार आधार स्तंभ हैं, आज सम्पूर्ण मानवता और धरा को इसकी जरूरत है। आईये दृढ़ संकल्प लें कि गांवों और शहरों को हरा-भरा करने हेतु पौधा रोपण करेंगे, बंजर और खाली पड़ी जमीनों को बाग-बगीचों में बदलेगे, अपने आस-पास स्वच्छता रखंेगे, तालाबों और नदियों के तटों को स्वच्छ रखेंगे, शुद्ध शाकाहार अपनायंेगे और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। अपनी धरा को समृद्ध बनाने में योगदान प्रदान करेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष, श्री ओम बिरला जी, ने परमार्थ निकेतन में पूज्य स्वामी जी के सान्निध्य में बितायेे पलों को याद करते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन की गंगा आरती की स्मृतियां आज भी मन को अपार शान्ति का अनुभव कराती हंै। वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति को पहुंचाने में स्वामी जी का अभूतपूर्व योगदान है। मेरी शुभकमनायें है आप स्वस्थ रहें और हम सब का मार्गदर्शन करते रहें।
महाराष्ट्र के राज्यपाल माननीय श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने स्वामी जी महाराज को विडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनायें देते हुये कहा कि माँ गंगा की तरह निर्मल हृदय से स्वामी जी ने सनातन धर्म और संस्कृतियों के समन्वय का कार्य किया है। भारतीय परम्परा के हिसाब से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में उनका अद्भुत योगदान है। अगले वर्ष स्वामी जी के 70 वें जन्म दिवस तक परमार्थ परिवार और भक्तों द्वारा 70 हजार वृक्षों के रोपण का संकल्प लिया गया हैं, मेरा विश्वास है ये पौधे हमें नयी हवा देंगे। स्वामी जी के शब्द हमारे लिये हमेशा प्रेरणादायी होते हंै। जीवेम् शरदः शतम्।
पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के सह-संस्थापक, आचार्य बालकृष्ण जी ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी (मुनि जी) के 69 वें प्राकट्य महोत्सव पर अनेक शुभकामनायें प्रदान करते हुये कहा कि आप ने इस धरा पर आकर भारतीय संस्कृति और मूल्यों से इस धरा को सींचा और पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। धरा के मित्र पूज्य स्वामी जी को अनन्त शुभकामनायें।
डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी भगवती सरस्वती जी ने पैनल में विराजमान सभी महानुभावों को भावभरा स्वागत किया और स्वामी जी के मानवता और पर्यावरण को समर्पित जीवन के विशेष संस्मरणों को सभी के साझा किया।
श्री श्री रवि शंकर जी, संस्थापक, आर्ट ऑफ लिविंग, प्रख्यात मानस कथाकार मोरारी बापू जी, जूनापीठाधिश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरिजी, प्रसिद्ध कथाकार, संदीपनी विद्यानिकेतन के संस्थापक रमेश भाई ओझा जी (पूज्य भाईश्री जी), श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, स्वामी गोविंद देव गिरि जी,, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंदजी, हरिद्वार, श्री माधवप्रिय दास जी स्वामी, छारोड़ी गुरूकुल अहमदाबाद, तिब्बती बौद्ध धर्म श्री ड्रिकुंग चेतसांग रिनपोछे जी, आचार्य लोकेश मुनिजी, संस्थापक अध्यक्ष, अहिंसा विश्व भारती, मौलाना इमाम उमर अहमद इलियासी जी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय इमाम संगठन, श्रीमती अजा करम, सेक्रेट्री जनरल रिलिजन फाॅर पीस, ईज़रायल से रब्बी डेविड रोज़न, अमेरिकी यहूदी समिति, जेरूसलम, इजराइल के अंतर्धार्मिक मामलों के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक, ज्ञानी इकबाल सिंहजी, पटना साहब गुरुद्वारा के पूर्व जत्थेदार, सिख विद्वान ज्ञानी गुरुबचन सिंहजी, पूर्व प्रमुख जत्थेदार, अकाल तख्त, फादर पॉल, कार्यकारी निदेशक, कैरिटास इंडिया, साध्वी शिलापी, प्रख्यात जैन साधु, वीरयतन, प्रख्यात मानस कथाकर श्री मुरलीधरजी महाराज, श्री परमजीत सिंह चंडोक बंगला साहिब गुरूद्वारा दिल्ली, गद्दी नशीन - दरगाह अजमेर शरीफ, हाजी सैयद सलमान चिश्ती जी और अन्य पूज्य संत, महापुरूषों,,
लोकसभा अध्यक्ष, माननीय श्री ओम बिरला जी, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री माननीय गजेन्द्र सिंह शेखावत जी, महाराष्ट्र के राज्यपाल माननीय श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, उत्तराखंड की माननीय राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री तीरथ सिंह रावत जी, विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी और अन्य गणमान्य राजनीतिज्ञ,,,,,
प्रसिद्ध सूफी गायक पद्मश्री कैलाश खेर, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, बॉलीवुड प्रसिद्ध अभिनेता विवेक ओबेरॉय, विश्व प्रसिद्ध तालवादक शिवमणि और सूफी गायिका रूना रिजवी शिवमणि अन्य अनेक गणमान्य अतिथियों एवं विश्व के अनेक देशों से लाइव जुड़कर और विडियो संदेशों के माध्यम से अपनी शुभकामनायें भेंट की।
Wednesday, June 2, 2021
नील कमल पाठक की प्रेरणा से युवा कर रहे है,नशे का त्याग
Tuesday, June 1, 2021
सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा रद्द
सीबीएसई कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा रद्द
कक्षा बारहवीं के परिणाम समयबद्ध तरीके से एक अच्छी तरह से परिभाषित उद्देश्य मानदंड के अनुसार किए जाएंगे
कक्षा 12 सीबीएसई परीक्षाओं पर निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है: पीएम
हमारे छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का है अत्यंत महत्व और इस पहलू पर कोई समझौता नहीं होगा: पीएम
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चिंता, जिसे समाप्त किया
जाना चाहिए : पीएम छात्रों को ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए: पीएम
सभी हितधारकों को चाहिए छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं : पीएम

COVID के कारण अनिश्चित परिस्थितियों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि सीबीएसई बारहवीं कक्षा के छात्रों के परिणामों को एक अच्छी तरह से परिभाषित उद्देश्य मानदंड के अनुसार समयबद्ध तरीके से संकलित करने के लिए कदम उठाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा पर फैसला छात्रों के हित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने अकादमिक कैलेंडर को प्रभावित किया है और बोर्ड परीक्षाओं का मुद्दा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में अत्यधिक चिंता पैदा कर रहा है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए।
पीएम ने कहा कि देश भर में कोविड की स्थिति एक गतिशील स्थिति है। जबकि देश में संख्या कम हो रही है और कुछ राज्य प्रभावी सूक्ष्म-नियंत्रण के माध्यम से स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, कुछ राज्यों ने अभी भी तालाबंदी का विकल्प चुना है। ऐसे में छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर छात्र, अभिभावक और शिक्षक स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। पीएम ने कहा कि ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
प्रधान मंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारे छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का अत्यधिक महत्व है और इस पहलू पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह की परीक्षाएं हमारे युवाओं को जोखिम में डालने का कारण नहीं हो सकती हैं.
पीएम ने कहा कि सभी हितधारकों को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। पीएम ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परिणाम अच्छी तरह से परिभाषित मानदंडों के अनुसार निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से तैयार किए जाएं।
व्यापक परामर्श प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने सराहना की कि भारत के कोने-कोने से सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद छात्र हितैषी निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के लिए राज्यों को भी धन्यवाद दिया।
यह भी निर्णय लिया गया कि पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर उन्हें सीबीएसई द्वारा ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।
माननीय प्रधान मंत्री ने पहले 21/05/21 को एक उच्च स्तरीय बैठक की थी जिसमें मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया था। तत्पश्चात 23.05.2021 को केंद्रीय रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में सीबीएसई परीक्षाओं के संचालन के विभिन्न विकल्पों और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त फीडबैक पर चर्चा की गई।
आज की बैठक में केंद्रीय गृह, रक्षा, वित्त, वाणिज्य, सूचना और प्रसारण, पेट्रोलियम और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के सचिवों और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
Monday, May 31, 2021
विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना है -सुनील RSS
छुट्टी के दिनों में भी राष्ट्रीय धर्म सर्वोपरि -चाणक्य
विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना है -सुनील RSS
हरिशंकर सैनी
देहरादून।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में प्रांत के शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील का प्रवास आज पिथौरागढ़ नगर की माधव शाखा में रहा, जिसमें उनके द्वारा शाखा के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य की एक बोध कथा सुनाई गई, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि एक बार राजा चंद्रगुप्त से 2 महीने की छुट्टी लेकर चाणक्य एकांतवास में चले गए थे, इसी बीच सेल्यूकस जोकि चंद्रगुप्त का ससुर था ,वह मिलने के लिए चंद्रगुप्त से आया और उसने चाणक्य से भेंट वार्ता की इच्छा जताई ,जब वह चाणक्य के पास पहुंचा तब चाणक्य ने उसको यह बताया कि तुम्हारी राज्य में आने के बाद, किन किन लोगों से बात हुई और क्या-क्या बात हुई ,इस पर सेल्यूकस नाराज हो गया कि आप अतिथि का सत्कार इस प्रकार से करते हैं , तब चाणक्य ने कहा कि मैं एक महामंत्री भी हूं और राज्य में कौन आ रहा है ,क्या कर रहा है ? इस बात की चिंता करना भी मेरा अधिकार क्षेत्र है, छुट्टी पर होने का मतलब यह नहीं है कि मैं अपना राष्ट्रीय धर्म भूल जाऊं।
इस बोध कथा के माध्यम से शाखा के स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार होकर राष्ट्रधर्म को समाज के लिए समर्पित करने का पाठ सिखाया गया,
ई शाखा में पिथौरागढ़ विभाग के विभाग प्रचारक नारायण और जिला प्रचारक राहुल जी के अलावा नगर प्रचारक हरदीप और नगर विस्तारक सुमन के अलावा विभाग के संघचालक आदि लोग उपस्थित रहे।
Sunday, May 30, 2021
प्रेस क्लब लालकुआं द्वारा जूम एप के माध्यम से कोरोना काल में पत्रकारों की भूमिका विषय पर वर्चुअल गोष्ठी
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फोटो परिचय- पत्रकारिता दिवस पर प्रेस क्लब लालकुआं द्वारा आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी में प्रतिभाग करते जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं पत्रकार।
प्रेस क्लब लालकुआं द्वारा जूम एप के माध्यम से कोरोना काल में पत्रकारों की भूमिका विषय पर वर्चुअल गोष्ठी
राजेंद्र पंत रमाकांत की रिपोर्ट
लालकुआं। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब लालकुआं द्वारा जूम एप के माध्यम से कोरोना काल में पत्रकारों की भूमिका विषय पर वर्चुअल गोष्ठी में क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट, सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के सीईओ जेपी नारायण, विधायक नवीन दुम्का, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र, उप जिलाधिकारी रिचा सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह सहित तमाम जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अपनी बात रखी वहीं वरिष्ठ पत्रकारों ने युवा एवं जूनियर पत्रकारों को कोरोना काल में रिपोर्टिंग के गुर सिखाए।
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब लालकुआं के तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वर्चुअल गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों की भूमिका प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जिस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर अपना कार्य संपादित कर रहे हैं इसके लिए बधाई के पात्र हैं। संसद भट्ट ने कहा कि राजनीति से पूर्व वह पत्रकारिता के क्षेत्र में ही थे जिससे वह भली-भांति पत्रकारिता के महत्व को समझते हैं। क्षेत्रीय विधायक नवीन दुम्का ने कहा कि कोरोना काल में पत्रकार स्वयं को बचाते हुये पत्रकारिता करे। विधायक ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पत्रकार प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को आईना भी दिखा रहे हैं। तथा जनप्रतिनिधियों को उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं जो कि जागरूक पत्रकारिता है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ने कहा कि सच्चे कोरोना वॉरियर्स तो पत्रकार ही है क्योंकि वही देश दुनिया में कोरोना का क्या प्रभाव है जन-जन को बता रहे हैं।
सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के सीईओ जेपी नारायण ने कहा कि इसको कोरोना काल में सेंचुरी पेपर मिल परिस्थितियां विपरीत होने के बावजूद भी तमाम प्रकार से लोगों की मदद का बीड़ा उठाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की अत्यंत कमी है जिसे पूरा करने के लिए पत्रकारों की अहम भूमिका होगी, पत्रकार उक्त ग्रामीण अंचल को अपनी आंख बनाकर वहां का समुचित विकास करवा सकते हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र ने कहा कि आज के समय में पत्रकार मजबूत विपक्ष के रूप में उभर रहा है उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समसामयिक समाज का दर्पण होने के नाते अपने कार्य का बखूबी निर्वहन करना है। उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण है वह प्रशासन को भी मनोबल ऊंचा रखने के लिए प्रेरित करते हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह ने कहा कि आज पत्रकारों को एकजुट होकर अपने हितों के लिए संघर्ष करने एवं अपने आप को चौथे स्तंभ के रूप में वास्तविक रूप से स्थापित करने की जरूरत है।
लगभग 4 घंटे चली वर्चुअल संगोष्ठी के दौरान तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने जूनियर एवं युवा पत्रकारों को कोरोना काल मे रिपोर्टिंग करने को लेकर प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब के अध्यक्ष बीसी भट्ट ने सभी आगंतुक अतिथियों एवं अधिकारियों का आभार जताया साथ ही कोरोना कॉल में दिवंगत हुए पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 2 मिनट का मौन धारण किया गया।
गोष्ठी में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष डॉ विपिन चंद्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष लालकुआं लाल चंद्र सिंह, नगर अध्यक्ष रणजीत बोरा, महामंत्री दीप जोशी, वरिष्ठ पत्रकार तेजपाल नेगी, रमाकांत पंत, बसंत पांडे, दिनेश पांडे, अजय उप्रेती, गीता भट्ट, प्रमोद बमेटा, राजू अनेजा, अभिसेक सिंह, संजय जोशी, योगेश दुम्का, पंकज पांडे सहित कई पत्रकार मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रकाश जोशी ने किया।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत व उषा नेगी द्वारा संस्कार केंद्रों व बस्तियों में बच्चों को बिस्किट वितरित किए गए
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अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत व उषा नेगी द्वारा संस्कार केंद्रों व बस्तियों में बच्चों को बिस्किट वितरित किए गए
देहरादून , सेवा दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी द्वारा बाल संस्कार केन्द्रो एवं सेवा वस्तियों मे ब्रिटानिया बिस्कुट गिफ्ट किये गए ,
महर्षि वाल्मीकि संस्कार केंद्र इन्द्रेश नगर, संत शिरोमणि रविदास केंद्र जटिया मोहल्ला, राजीव नगर विजय पार्क और अन्य सैकड़ो बस्ती के बच्चों को बिस्किट गिफ्ट वितरित किये गए,
इस अवसर पर ऊषा नेगी ने कहां की मुख्यमंत्री व प्रधान मंत्री बच्चों के प्रति संवेदनशील है, उनके द्वारा अनेक कार्य बच्चों के हित मे किये जा रहे है ,
प्रधानमंत्री जी ने कोरोना मे अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई के साथ -साथ 10 लाख रुपया 18 साल की उम्र पूरा होने पर देने की घोषणा की है ,वही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा ऐसे बच्चों को हर महीने 3 हज़ार रु देने के साथ निशुल्क इलाज, शिक्षा व 5 प्रतिशत सरकारी सेवा मे आरक्षण दिया जा रहा है ,बस्ती मे ऐसे लोगों की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर सूचित करे और किसी भी बच्चे को कोई परेशानी हो तो भी 1098 तथा मुझे भी फोन कर सकते है ,किसी भी बालक बालिका के साथ छेडछाड़ या दुर्व्यवहार की सूचना भी दे सकते है या कोई भी गलत व्यक्ति या अपराध के बारे मे जानकारी दे, बच्चों को कोरोना से बचने के लिए मास्क, साबुन से हाथ धोना, सैनिटाइज़र का प्रयोग करना है घर पर रहकर पढ़ाई करनी है और बेवजह घर से बाहर नहीं जाना है, व मम्मी, पापा को भी सब बाते बतानी है, बुखार, सर्दी जुकाम होने पर पुलिस या अस्पताल को सूचना देनी है या आंगनवाड़ी शिक्षिका को बताना है ,
कार्यक्रम मे अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा, कमल गुप्ता शिक्षिका सुधा, रेखा रावत, मोनी आदि सामजिक कार्यकर्त्ता भी उपस्थित हुए ,कल से अन्य बस्तियों मे गुब्बारा बेचने बाले, कूड़ा बीनने बाले बच्चों को चिन्हित कर सप्ताह भर कार्यक्रम चलाया जायेगा,
Saturday, May 29, 2021
वास्तव में योग है क्या इसे समझना बेहद जरूरी है : योगाचार्य खुशीराम

योगाचार्य खुशीराम
वास्तव में योग है क्या इसे समझना बेहद जरूरी है : योगाचार्य खुशीराम
योग क्या है ? आज इस बात को समझने की भी बेहद जरूरत है ।
योग केवल मात्र शरीर को हिलना- डूलाना ,मोड़ना नहीं है । इसमें शारीरिक अभ्यास भी सात्विक विचार , सात्विक आहार, श्रद्धा, समर्पण और अनुष्ठान, पूजा समझ कर के ईश्वर की उपासना किस तरह किया जाता है।
आजकल सभी लोग योग के ऊपर अपनी बड़ी-बड़ी टिप्पणियां/ व्याख्यान दे रहे हैं।
लेकिन वास्तव में योग है क्या इसे समझना बेहद जरूरी है???
योग मनुष्य योनि का प्रथम एवं मूल उद्देश्य है।
मनुष्य के अलावा सभी योनियां केवल भोग योनियां है।
परमात्मा ने केवल मनुष्य को योग करने का अधिकार दिया है।
योग के अर्थ एवं योग की व्याख्या करने के लिए में समर्थ नहीं हूं। और इसकी व्याख्या किसी समय सीमा में नहीं बांधी जा सकती है योग अनंत है।
फिर भी अपनी छोटी बुद्धि और परमपिता द्वारा प्रदत्त सामर्थ्य एवम् वेदों के अनुसार :-
#योग_आत्मा_का_परमात्मा_से_मिलन_है।#
हमारे शरीर में निर्विकार, अनादि ,शाश्वत उस परमात्मा का अंश रूपी आत्मा हमारे शरीर को संचालित करती है।
लेकिन अनंत जन्मों के कर्माश्य हमें उस परमात्मा से युक्त होने के लिए हमें बाधित करते हैं । इस प्रकार कर्मफलों से मुक्त होने का साधन है योग।
जिसके लिए हम अनंत जन्मों से भिन्न-भिन्न योनियों में विचरण करके मनुष्य योनि मैं इस अधिकार को प्राप्त करते हैं।
इसलिए मोक्ष और मुक्ति का साधन है योग
योग के उत्पत्ति और उद्गम की बात अगर करें तो योग अनादि है आदि देव भगवान शिव से लेकर त्रेता युग में भगवान श्री राम और द्वापर युग में योगेश्वर भगवान कृष्ण और कलयुग में भगवान बुद्ध तथा इसे सूत्रों में पिरोने वाले महर्षि पतंजलि इस योग की गंगा को जनमानस के कल्याण के लिए मुक्ति के लिए मोक्ष के लिए निरंतर प्रवाहित करते रहे हैं और अब व्यापक रूप से श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी इस पावन पुनीत कार्य को अपने अनवरत पुरुषार्थ से संचालित कर रहे हैं।
योग अध्यात्म है।योग वेदों का मूल स्तंभ है श्रीमदभगवत गीता का सार है।
सनातन संस्कृति का आधार है योग साधना है भारतीय संस्कृति का गौरव है हमारा सम्मान है हमारी अस्मिता है हमारा स्वाभिमान है हमारी आत्मा है हमारा अस्तित्व है हमारी पहचान है।
(योगाचार्य खुशीराम )


